इश्क़ जिस्मानी नहीं, बड़ी रूहानी चीज़ है।।

There are many definitions and notions associated to love, all over the world. Some claim to understand it while some run away from it. This piece is one of the several attempts I have made to capture the essence of this beautiful emotion.

जैसे छूटा हुआ पन्ना कोई हाथ आया,
तुझ से मिलकर वो करार आया।
इश्क़ जिस्मानी नहीं, बड़ी रूहानी चीज़ है।।
ज़रूरी नहीं ये सबके नसीब में हो,
ना ही ये ज़रूरी है कि ये हर नाचीज़ समझें।
किसी की ज़िद है ये और किसी की आदत,
हमसे पूछो तो ये है एक हसीं आयत।
तालाश से न मिले, न नसीब से,
जिस वक़्त हमने करवट बदली तुमको पाया,
जैसे छूटा हुआ कोई पन्ना हाथ आया।।
जब किसी पर ऐतबार आ जाये वो प्यार है,
अब के हम बिछड़े तो शायद ख्वाब में मिले,
जिस तरह सूखे फूल किताबो में मिले,
किसी की याद है ये,
किसी का इंतज़ार है ये,
किसी की दोस्ती है ये,
तो किसी का सफर है,
इश्क़ जिस्मानी नहीं, बड़ी रूहानी चीज़ है।।

Published by Yashika Sachdeva

An architect and city planner by profession. Part time blogger. A travel enthusiast. Loves to explore and document experiences through sketches and in her writings.

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